क्यो मनाई जाती है बकरीद?

क्यों मनाई जाती है बकरीद?

अरबी में बकरीद का मतलब (Meaning) होता है – “क़ुरबानी की ईद।” इस्लाम धर्म में विश्वास रखने वाले लोगों का यह एक प्रमुख त्यौहार (Festival) है। यह रमज़ान के पवित्र महीने की समाप्ति के 70 दिनों बाद मनाया जाता है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार हज़रत इब्राहिम अपने पुत्र हज़रत इस्माइल को इस दिन खुदा के हुक्म पर खुदा की राह में कुर्बान करने जा रहे थे (बलि देने जा रहे थे) तो अल्लाह ने उनके पुत्र को जीवनदान दे दिया जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है और फिर शुरू हुई परम्परा बकरीद मनाने की।
विचारणीय विषय है कि हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल को अल्लाह की राह में कुर्बान करने जा रहे थे लेकिन अल्लाह ने हजरत इस्माइल को जीवनदान दिया। पवित्र मुसलमान धर्म के श्रद्धालु इस दिन की याद में रात को कलमा पढ़ कर बकरे को काट कर खाते हैं और कहते हैं कि अल्लाह ने बकरे की रूह को जन्नत में स्थान दिया है, इसीलिए ये बकरे का माँस हमारे लिए प्रसाद बन गया। अल्लाह ने हजरत इस्माइल जी को जिंदगी दी थी और पवित्र मुसलमान धर्म के श्रद्धालु बकरा ईद के दिन बकरे को मार कर खाते हैं। अल्लाह ने तो जिंदगी दी और आप उस दिन की याद में बकरे की जिंदगी ले रहे हो। क्या आपको अल्लाह बक्श देंगे?

Eid ul adha or Bakra Eid in India: हजरत मुहम्मद ने कभी मांस नहीं खाया.

जैसा की हम जानते है की eid ul adha or Bakra Eid त्यौहार India में पहुंच प्रसिद्ध है। आज हम आप को हजरत मुहम्मद ने कभी मांस नहीं खाया के बारे में विस्तार से समझाएंगे। पवित्र मुसलमान धर्म के श्रद्धालु हजरत मुहम्मद को अपना अंतिम पैगम्बर मानते हैं। हजरत मोहम्मद जी के एक लाख अस्सी हजार अनुयायी बन गए थे.

टिप्पणियाँ

लोकप्रिय पोस्ट